चंद्र कला क्या हैं?
चंद्रमा की 8 मुख्य कलाएं होती हैं: अमावस्या (नया चंद्र), शुक्ल प्रतिपदा से पूर्णिमा (बढ़ता चंद्र), फिर कृष्ण प्रतिपदा से अमावस्या (घटता चंद्र)।
हर कला की अपनी ऊर्जा होती है - नई शुरुआत से लेकर पूर्णता तक।
कैलकुलेटर
अपनी जन्म तिथि से अपना चंद्र कला (मून फेज) कैलकुलेट करें। चंद्रमा की कला और उसका आपके जीवन पर प्रभाव जानें।
चंद्रमा हर 29.5 दिनों में पृथ्वी के चारों ओर अपना चक्र पूरा करता है। इस यात्रा के दौरान यह 8 अलग-अलग चरणों से गुजरता है — हर चरण की अपनी ऊर्जा और महत्व होता है, चाहे वह वैदिक ज्योतिष हो, कृषि हो या आध्यात्मिक साधना।
मून फेज (चंद्र कला) कैलकुलेटर आपकी जन्म तिथि के अनुसार बताता है कि आपके जन्म के समय चंद्रमा किस अवस्था में था - अमावस्या, पूर्णिमा, शुक्ल पक्ष या कृष्ण पक्ष। चंद्र कला का व्यक्तित्व और भावनाओं पर प्रभाव माना जाता है।
चंद्रमा की 8 मुख्य कलाएं होती हैं: अमावस्या (नया चंद्र), शुक्ल प्रतिपदा से पूर्णिमा (बढ़ता चंद्र), फिर कृष्ण प्रतिपदा से अमावस्या (घटता चंद्र)।
हर कला की अपनी ऊर्जा होती है - नई शुरुआत से लेकर पूर्णता तक।
अंक ज्योतिष और ज्योतिष में जन्म के समय की चंद्र कला व्यक्तित्व को प्रभावित करती है। बढ़ते चंद्रमा (शुक्ल पक्ष) में जन्मे लोग अधिक सकारात्मक और बाहरी होते हैं, जबकि घटते चंद्रमा (कृष्ण पक्ष) में जन्मे लोग अधिक आत्मचिंतक होते हैं।
अपनी जन्म तिथि डालें और अपनी जन्म चंद्र कला देखें। कैलकुलेटर बताएगा कि आपके जन्म के समय चंद्रमा किस अवस्था में था और इसका क्या अर्थ है।