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दैनिक पंचांग

आज का पंचांग

आज का संपूर्ण वैदिक पंचांग - तिथि, नक्षत्र, योग, करण, सूर्योदय, सूर्यास्त, चंद्रबल और आपके दिन के लिए शुभ मुहूर्त.

अपने स्थान के अनुसार पंचांग देखें
Fr
आज का पंचांग
2026-08-28

सूर्योदय

सूर्यास्त

चंद्रोदय

6:56 PM

चंद्रास्त

6:57 AM

तिथि

(/30)

नक्षत्र

कुंभ राशि

योग

-

करण

-

आज तिथि

वार

Fri

पक्ष

ग्रहीय विवरण

सूर्य राशि

सिंह (Leo)

चंद्र राशि

कुंभ

सूर्य नक्षत्र

पूर्व फाल्गुनी

पक्ष

पक्ष

अयन

दक्षिणायन

ऋतु

वर्षा (मानसून)

चंद्रबल (आज अनुकूल राशियां)

मेष
वृषभ
मिथुन
कर्क
सिंह
कन्या
तुला
वृश्चिक
धनु
मकर
कुंभ
मीन

आज चंद्रमा कुंभ राशि में है। हाइलाइट की गई राशियां महत्वपूर्ण कार्यों के लिए अनुकूल हैं।

कैलेंडर और दिन की जानकारी

विक्रम संवत

2083 Siddharthi

शक संवत

1948

दिन की अवधि

रात की अवधि

दोपहर (मध्याह्न)

अयनांश (लाहिरी)

24.2244°

दिशा शूल और अन्य

दिशा शूल

शूल उपाय

यात्रा से पहले दही खाएं

निशीथ मुहूर्त

11:36 PM - 12:24 AM

सवाह्न संध्या

-

अशुभ समय

राहु काल10:54 AM – 12:28 PM
यमगंड3:36 PM – 5:10 PM
गुलिका7:45 AM – 9:19 AM
दुर्मुहूर्त08:42 AM – 09:32 AM, 12:53 PM – 01:43 PM
वर्ज्य09:44 AM – 11:24 AM
अभिजीत मुहूर्त12:03 PM – 12:53 PM
अमृत काल07:43 PM – 09:23 PM

शुभ समय

अभिजीत मुहूर्त12:03 PM – 12:53 PM
अमृत काल07:43 PM – 09:23 PM
ब्रह्म मुहूर्त04:35 AM – 05:23 AM

आज का शुभ मुहूर्त

नामकरण05:56:46 - -3:14:00
उपनयन14:54 - 18:40
विद्यारंभ2:54 PM to 6:40 PM (Afternoon to Evening)
अन्नप्राशन06:28 – 12:35

पंचांग क्या है?

पंचांग पारंपरिक हिंदू पंचांग है जो पूरे भारत में दैनिक जीवन का मार्गदर्शन करता है। इसका नाम शाब्दिक रूप से "पांच अंग" है, क्योंकि हर दिन पांच तत्वों के माध्यम से वर्णित होता है - तिथि (चंद्र दिवस), वार (सप्ताह का दिन), नक्षत्र (जन्म तारा), योग और करण।

लोग विवाह, गृह प्रवेश, व्यवसाय शुरू करने, यात्रा या किसी भी महत्वपूर्ण कार्य से पहले पंचांग देखते हैं। यह आपको राहु काल जैसे अशुभ समय से बचने और सफलता और सकारात्मकता के लिए शुभ मुहूर्त चुनने में मदद करता है। सदियों से भारतीय परिवार अपने दिन की शुरुआत इस पवित्र कैलेंडर से करते हैं।

आधुनिक हिंदू कैलेंडर प्रणालियां हजारों वर्षों पुरानी हैं और आज भी त्योहारों, अनुष्ठानों और दैनिक दिनचर्या का केंद्र बनी हुई हैं।

पंचांग के पांच अंग

तिथि - चंद्र दिवस, चंद्रमा की कला से निर्धारित होता है, और मुहूर्त चुनने में केंद्रीय भूमिका रखता है।
वार - सप्ताह का दिन, प्रत्येक दिन किसी ग्रह द्वारा शासित होता है जो दिन की ऊर्जा को प्रभावित करता है।
नक्षत्र - चंद्र मंडल, मनोदशा, समय और अनुकूलता को प्रभावित करता है।
योग - सूर्य और चंद्रमा का संयोजन जो दिन की गुणवत्ता निर्धारित करता है।
करण - तिथि का आधा भाग, गतिविधियों और अनुष्ठानों के सूक्ष्म समय निर्धारण के लिए उपयोग होता है।

पंचांग प्रतिदिन क्यों देखें?

पंचांग देखना एक सरल दैनिक आदत है जो आपके जीवन में लय और उद्देश्य लाती है। तिथि और नक्षत्र जानने से आप अपने कार्यों को दिन की प्राकृतिक ऊर्जा के अनुरूप कर सकते हैं, जबकि राहु काल और यमगंड से बचना आपको अशुभ समय में महत्वपूर्ण कार्य शुरू करने से बचाता है।

अनुष्ठानों से परे, पंचांग अत्यंत व्यावहारिक है। यह आपको सटीक सूर्योदय और सूर्यास्त देता है, जो व्रत, पूजा और दैनिक दिनचर्या के लिए महत्वपूर्ण हैं। यह यह भी बताता है कि अगली एकादशी, पूर्णिमा या अमावस्या कब आएगी, ताकि आप कोई महत्वपूर्ण व्रत न चूकें।

गहरे मार्गदर्शन के लिए, हमारा राहु काल कैलकुलेटर, चौघड़िया मुहूर्त और होरा चार्ट देखें।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

पंचांग के अनुसार नया काम शुरू करने का सबसे अच्छा समय क्या है?
शुभ मुहूर्त अनुकूल तिथि, नक्षत्र और वार के मिलान से चुना जाता है, साथ ही राहु काल और अन्य अशुभ समय से बचा जाता है। रोजमर्रा के कार्यों के लिए, बस राहु काल से बचें और दिन का एक उज्ज्वल, सकारात्मक समय चुनें।
क्या पंचांग स्थान के अनुसार बदलता है?
हाँ। सूर्योदय, सूर्यास्त और राहु काल जैसे अशुभ समय आपके स्थान के अनुसार बदलते हैं। इसीलिए पंचांग आपको सटीक समय के लिए अपना शहर चुनने देता है।
राहु काल क्या है और मुझे इससे क्यों बचना चाहिए?
राहु काल प्रतिदिन लगभग 90 मिनट का समय होता है जिसे नए कार्यों - जैसे व्यवसाय शुरू करना, सौदा करना या यात्रा शुरू करना - के लिए अशुभ माना जाता है। इस दौरान महत्वपूर्ण कार्यों की योजना न बनाना एक पारंपरिक अभ्यास है।
चंद्रबल क्या है?
चंद्रबल प्रत्येक राशि के लिए चंद्रमा की शक्ति है। जब चंद्रमा आपकी राशि के सापेक्ष अनुकूल स्थिति में होता है, तो दिन महत्वपूर्ण कार्यों के लिए सहायक माना जाता है। हमारा पंचांग आज लाभान्वित होने वाली राशियों को उजागर करता है।
दिशा शूल क्या है?
दिशा शूल किसी दिन यात्रा करते समय बचने के लिए एक दिशा इंगित करता है। पारंपरिक रूप से, यदि आपको उस दिशा में यात्रा करनी हो, तो जाने से पहले दही खाने जैसा सरल उपाय किया जाता है।