केतु के दोष
कमजोर केतु से जीवन दिशा में भ्रम, अचानक हानि, नींद संबंधी समस्या, त्वचा रोग और पूर्व जन्म के कर्मों का बोझ महसूस होता है।
ग्रह शांति
केतु वैराग्य, आध्यात्म और पूर्व जन्म का कारक है। कमजोर केतु से दिशा भ्रम और अचानक कष्ट होता है। केतु शांति से आध्यात्मिक विकास होता है।
सभी ग्रह शांतिकेतु वैराग्य, आध्यात्म और पूर्व जन्म का कारक है। कमजोर केतु से दिशा भ्रम और अचानक कष्ट होता है। केतु शांति से आध्यात्मिक विकास होता है।
कमजोर केतु से जीवन दिशा में भ्रम, अचानक हानि, नींद संबंधी समस्या, त्वचा रोग और पूर्व जन्म के कर्मों का बोझ महसूस होता है।
गणेश जी की पूजा करें। कंबल, तिल, सरसों का तेल और काले वस्त्र का दान करें। विष्णु सहस्रनाम का पाठ करें। लहसुनिया रत्न धारण करें।
ॐ कें केतवे नमः - इस मंत्र का 108 बार जप करें। केतु बीज मंत्र ॐ स्रां स्रीं स्रौं सः केतवे नमः है।