शनि के दोष
कमजोर शनि से कार्यों में विलंब, शारीरिक कष्ट, नौकरी में परेशानी, ऋण और पारिवारिक कलह होती है। साढ़े साती और ढैया में ये कष्ट बढ़ जाते हैं।
ग्रह शांति
शनि कर्म, अनुशासन और न्याय का कारक है। कमजोर शनि से विलंब और कष्ट होता है। शनि शांति से कर्मफल में सुधार और जीवन में स्थिरता आती है।
सभी ग्रह शांतिशनि कर्म, अनुशासन और न्याय का कारक है। कमजोर शनि से विलंब और कष्ट होता है। शनि शांति से कर्मफल में सुधार और जीवन में स्थिरता आती है।
कमजोर शनि से कार्यों में विलंब, शारीरिक कष्ट, नौकरी में परेशानी, ऋण और पारिवारिक कलह होती है। साढ़े साती और ढैया में ये कष्ट बढ़ जाते हैं।
शनिवार को शनि देव की पूजा करें। तिल, काला वस्त्र, लोहा और काली उड़द दाल का दान करें। हनुमान चालीसा का पाठ करें। नीलम रत्न धारण करें। वृद्धों की सेवा सबसे प्रभावी उपाय है।
ॐ शं शनैश्चराय नमः - इस मंत्र का 108 बार जप शनिवार को करें। शनि बीज मंत्र ॐ प्रां प्रीं प्रौं सः शनैश्चराय नमः है।